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किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठबेहद आवशà¥à¤¯à¤• है पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• दिन छह से सात घंटे की गहरी नींद।
गहरी नींद का हर मिनट अमूलà¥à¤¯ है, जिसे धन के बजाय आतà¥à¤®à¤¸à¤‚तोष से सहज पाया जा सकता है।
कम नींद कई बीमारियों को जनà¥à¤® दे सकती है, जैसे- डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨, डायबिटीज़, हृदयरोग, याददाशà¥à¤¤ की कमी, कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ की कमी, सांस के मरीजों में अचानक बीमारी का दौरा पड़ना, मिरà¥à¤—ी के मरीजों का दौरा जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ आना आदि।
इन दिनों सबकी दिनचरà¥à¤¯à¤¾ बड़ी असà¥à¤¤-वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ चल रही है। अधिकांश लोग घर से काम कर रहे हैं, बचà¥à¤šà¥‡ घर पर हैं और मनोरंजन के साधन सà¤à¥€ के हाथ में हैं। दिन और रात के à¤à¥‡à¤¦ मिटने लगे हैं। जो नà¥à¤•़सान हो रहा है, वो है नींद का। हाल ही में नींद पर हà¥à¤ कई अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ के नतीजे सामने आठऔर वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों ने à¤à¤• वाकà¥à¤¯ में पूरी बात कह दी- नींद इस तरह लीजिठजैसे कि आपका जीवन इस पर निरà¥à¤à¤° करता हो। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि करता है।
जो लोग मानते हैं कि रात के चंद घंटे अगर फिलà¥à¤® देखने में या सोशल मीडिया पर बिता दिà¤, तो कà¥à¤¯à¤¾ हà¥à¤†, बाद में कोटा पूरा कर लेंगे, या यह तरà¥à¤• दिया हो कि दस बजे तो बचà¥à¤šà¥‡ सोते हैं, तो à¤à¤¸à¥‡ लोगों को अधà¥à¤¯à¥‡à¤¤à¤¾à¤“ं ने à¤à¤• पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करने को कहा- à¤à¤• अंधेरे कमरे में बैठजाà¤à¤‚ और हाथ में à¤à¤• पेंसिल पकड़ लें। पांच मिनट का अलारà¥à¤® लगाà¤à¤‚ और रिलैकà¥à¤¸ करें। कà¥à¤¯à¤¾ हà¥à¤†? पांच मिनट से पहले ही पेंसिल हाथ से छूट गई? नींद का दबाव बॠजाता है, तो कà¤à¥€ à¤à¥€ à¤à¤ªà¤•ी लग ही जाती है।
यह संकेत है इस बात का कि आप अपने दिमाग़ पर बहà¥à¤¤ दबाव डाल रहे हैं। काम तो करने ही हैं, उसका दबाव तो रहेगा ही लेकिन मनोरंजन के ज़रिठजो सà¥à¤•ून दिमाग़ को मिलना चाहिà¤, वो नींद की कमी के चलते बिलकà¥à¤² नहीं मिल पा रहा है।
कà¥à¤¯à¤¾ हो रहा है?
लगातार कई दिनों से ऑनलाइन बिल à¤à¤°à¤¨à¤¾ à¤à¥‚ल रहे हैं, सामानà¥à¤¯-से कामों में देर लग रही है - लग रहा है कि कहां पकड़ ढीली हो रही है? कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ साधारण-से काम याद नहीं रहते या ऊब-सी लगती है, थकान हो जैसे?
यह सच है। सोशल मीडिया या वेब सीरीज़ के चसà¥à¤•े के चलते जो आधी रात सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ के सामने और बाक़ी की रात करवटें बदलते बिताई हों, तो थकान लाज़िमी है।
जब हम थके हà¥à¤ होते हैं, तो ज़िंदगी के मामूली काम à¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल लगते हैं। या तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥‚ल जाते हैं या करते समय बोà¤-सा महसूस होता है। रोज़मरà¥à¤°à¤¾ के कामों पर से पकड़ ढीली होती है।
दिमाग़ पर असर पड़ता है
बहà¥à¤¤ कम नींद लेने के कारण हमारा à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• नियंतà¥à¤°à¤£ और नियमन दोनों गड़बड़ा जाते हैं। तब हम आगे का कà¥à¤› सोच ही नहीं पाते। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की कमान हमारे दिमाग़ के हिसà¥à¤¸à¥‡ ‘पà¥à¤°à¥€à¤«à¥à¤°à¤‚टल कॉरà¥à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¸â€™ के पास होती है, जो सà¥à¤¸à¥à¤¤ पड़ने लगता है, गर हमने नींद के साथ समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ किया हो।
शोध साबित करते हैं कि अगर आपने à¤à¤• रात की à¤à¥€ à¤à¤°à¤ªà¥‚र नींद लेने में कोताही बरती है, तो दिमाग़ के à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• केंदà¥à¤° का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होना तय है। à¤à¤¸à¥‡ में ख़à¥à¤¶à¥€ या परेशानी- किसी à¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आप ओवर रिà¤à¤•à¥à¤Ÿ कर सकते हैं। अकारण या छोटे-से कारण से à¤à¥€ आप à¤à¤¾à¤µà¥à¤• हो सकते हैं, अतिसंवदेनशील या चिड़चिड़े हो सकते हैं।
नतीजे बहà¥à¤¤ बà¥à¤°à¥‡ हो सकते हैं
काम की थकान जब हद से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाती है, तो नतीजे कितने ख़तरनाक हो सकते हैं, इसका पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ सà¥à¤ªà¥‡à¤¸à¤¶à¤¿à¤ª चैलेंजर का हादसा है, जो थकान से उपजे उनींदेपन के चलते हà¥à¤†à¥¤ जब थकान बहà¥à¤¤ बॠजाà¤, तो आसपास कà¥à¤¯à¤¾ हो रहा है, उस पर उतना धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं रहता। चेतना इस तरह साथ छोड़ने लगती है कि इंसान सही निरà¥à¤£à¤¯ नहीं ले पाता।
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ ने साबित किया है कि अगर कोई इंसान सà¥à¤¬à¤¹ 6 बजे सोकर उठा हो, और फिर रात 12 बजे तक जागता रहे यानी 18 घंटे तक तो उसकी निरà¥à¤£à¤¯ लेने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होगी।
यूं à¤à¥€ नींद यानी आराम अचà¥à¤›à¤¾ ही है और अगर वो कई तकलीफों से बचाà¤, तब तो बेहतरीन कहा जाà¤à¤—ा। कम से कम सात घंटे की गहरी नींद अवशà¥à¤¯ लें। रात में कम सोने वाले लोग, दिन में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• काम करने के बाद कम से कम आधे-à¤à¤• घंटे का आराम ले सकें, तो और à¤à¥€ बेहतर।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें, 9 घंटे से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सोना à¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िलें पैदा तक सकता है। यह कई बीमारियों का संकेत करता है।
अचà¥à¤›à¥€ नींद के लिठकरें ये उपाय
सोने का समय रात के 9-10 का रखें और इस नियम पर कायम रहें। रोज़ समय ना बदलें।
शयनककà¥à¤· का तापमान और रोशनी उतनी रखें जितनी आपकी नींद के लिठसà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• हो।
गैजेटà¥à¤¸ बंद कर दें। टीवी-मोबाइल से दूरी रखें।
सोने से कम से कम 2 घंटे पहले रात का à¤à¥‹à¤œà¤¨ खा लें। कà¥à¤› चहलकदमी कर सकें, तो और बेहतर होगा।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ बहà¥à¤¤ गरिषà¥à¤ ना लें। हलà¥à¤•ा खाना खाà¤à¤‚।
किसी खेल और दिमाग़ी कसरत को अपनी दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में शामिल करें। ये अचà¥à¤›à¥€ नींद की ज़मानत है।
नà¥à¤•़सान कैसे-कैसे?
दिमाग़
ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक जागने से à¤à¤¡à¥€à¤¨à¥‹à¤¸à¤¿à¤¨ नामक रसायन बॠजाता है, तो उनींदा बनाठरखता है। अगर आपने जलà¥à¤¦à¥€ ही नींद पूरी नहीं की तो धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होने लगती है। लेकिन जब हम सोते हैं, तो दिमाग़ बीटा- à¤à¤®à¥€à¤²à¥‰à¤à¤¡ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤‚स को निकाल देता है, जो अगर जम जाà¤à¤‚, तो à¤à¤²à¥à¥›à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥à¤¸ और डिमेंशिया के लिठआधार तैयार कर सकते हैं।
चेहरा
कम सोने से आंखें थकी, उनींदी, आंखों में सूजन और मà¥à¤– उदास होने लगता है।
मांसपेशियां
लगातार कम सोने के आदी लोगों की मांसपेशियों में समसà¥à¤¯à¤¾ आने लगती है या चोटें देर से ठीक होती हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• उन हॉरà¥à¤®à¥‹à¤‚स को सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ देता है, जो मांसपेशियों के विकास को बाधित करें।
आंखें
अगर नींद को दूर रखा जाà¤, तो डà¥à¤°à¤¾à¤¯ आंखों की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है।
हृदय
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वयसà¥à¤•ों में, जो 5 घंटे से à¤à¥€ कम सोते हों, उनके हृदय की धमनियों में अवरोध उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने की आशंका 50% तक बॠजाती है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾
कम नींद हमारी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को ढीला और à¤à¥à¤°à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚दार बनाती है।
रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾
जो लोग लगातार कम नींद लेते हैं, वे सà¥à¤¬à¤¹ उठने के साथ ही छींकते हैं। धूल और ठंड की वजह से à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जलà¥à¤¦à¥€ ज़à¥à¤•ाम हो जाता है।
डायबिटीज
जो लोग अपनी नींद को 5 घंटे से कम करते जाते हैं, डायबिटीज (मधà¥à¤®à¥‡à¤¹) की ओर उनके कदम 9% तेज़ी से बà¥à¤¤à¥‡ जाते हैं।
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